मंगलवार, 27 मार्च 2012

मेरी किताब पढ़ लेना hey eshwar-3 (tanu thadani) हे ईश्वर -3 { तनु थदानी }



कोई  जो  गलतियां  ढूंढे , उसे  तुम  दोस्त  कर  लेना  !
कि पर्दा  जो  करे उस पर ,  ऐसे   मित्रों  से  लड़  लेना !


तुम्हारे  भाई- बहन -माँ - पिता , सब  लोग  हो  जहाँ ,
हो  चाहे   दूर  बस्ती   में ,  मगर  ऐसा  ही  घर  लेना  !


अगर  रूठे   तुम्हारा  प्रिय , चाहे  गलतियां   कर   के ,
झगड़ना  रस्म  सा ,ओं फिर  उसे , बाहों  में  भर  लेना ! 


तमाम उम्र  फल  खुशियों  के ,मिलते   जायेंगे  तुमको ,
मेरा  है  मशवरा  , ईश्वर  से ,मुस्कानों   कि  जड़  लेना !


जीवन  को  जीये   कैसे  ,  बिना  तकलीफ - दर्दों   के ,
अगर  हो   जानना  बन्धु ,  मेरी   किताब  पढ़   लेना !


2 टिप्‍पणियां:

  1. वाह , प्यारी ग़ज़ल है . और क्या संयोग है की 'रदीफ़' मिल रही है मेरी नयी गज़ल से ....

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