गुरुवार, 15 नवंबर 2012

मेरी कमाई माँ hey eshwar-3 (tanu thadani) हे ईश्वर -3 { तनु थदानी },



सब  पूछते   इस   उम्र  तक , कितना  लिया  कमा ?
मेहनत  की रोटी  घर  में  है , इज्ज़त  की  है  शमां  !


तुलना  तो   कभी   कर   नहीं ,  अपनी  इमारत   से ,
मैंने   तो   घर   बनाया   पर  ,  तूने   केवल   मकां !


जेबें  गरम , बिस्तर  नरम , फिर  छटपटाहट  क्यूँ ?
सुख   मिल  सके  सब  खोजते , ऐसी    कोई  दुकां !


मैं   संत   नहीं    हूँ   मगर  ,  ये   जानता    हूँ    मैं ,
सब  छोड़  कर  के  जाओगे , जो कुछ  किया  जमा !


गिन   भी   न    सका  कोई ,  मेरे  घर  की  कमाई ,
 मुझको   कमाया  माँ  ने  ओं , मेरी   कमाई   माँ !  


1 टिप्पणी:

  1. बेहतरीन रचनाएं हैं आपकी ....फोलोअर्स को भी स्थान दीजिये ब्लॉग पर ताकि आपकी हर पोस्ट लोगो तक पहुंचे

    उत्तर देंहटाएं