शुक्रवार, 1 दिसंबर 2023

डरे सब कैमरे से

डरे सब कैमरे से,रब से क्यूं न,डरता है यारों !
अगर तुम मानते रब को,वो देखा,करता है यारों !

तुम्हारा रब तुम्हारा है, पिता सा, माँ सा, साथी सा,
क्यूं उसकी चापलूसी में,मारता ; मरता है यारों  ?


तुम्हारे धर्म की पुस्तक ; सभी छलनी है सुंदर सी ;
यही सच है तो खुशियाँ, क्यूं उसी से,भरता है यारों ?


सफर तो पूछ लेते हैं, हम हाथों की लकीरों से ;
मगर रस्ता तो खुद ही को,बनाना,पड़ता है यारों !
--------------------------- तनु थदानी

रोटी से मैं लिपटा हुआ, अख़बार बन जाऊँ!

रोटी से  लिपटा हुआ, अख़बार बन जाऊँ! 
भूखे के लिए रोटी वाला, प्यार बन जाऊँ! 

मैं प्यार के दो लफ्ज़ पे, सब  लुटाता हूँ, 
पैसों से गर बिक जाऊँ तो , बेकार बन जाऊँ! 

पढ़ा लिखा के माँ ने  , बस ये नसीहत दी , 
दिल से  इक अनाड़ी  , गँवार बन जाऊँ! 

खामोशी के बाज़ार में, मुस्कान गुम हुई, 
तो क्यों न  खुशी का  ही, व्यापार बन जाऊं! 
---------------------------------  तनु थदानी

शनिवार, 18 नवंबर 2023

tanu thadani तनु थदानी अरी सखी

एक्खट - दुक्खट लील गया,ये शहर कमीना !
अरी सखी ,न आना,कठिन है  यहाँ पे जीना !

चश्मे  काले  भीतर  आंखे , बदन  टटोले ,
घर भीतर भी हम आराम से, रहें कभी ना !

तोहरे गाँव मा अबहूं  , काका भईया हैं ना ?
शहर ने बीच चौराहे, इ सब रिश्ता छीना !


पेट की खातिर शर्म बिके,तुम समझ रही हो ?
यही शहर की बातें हमको , कभी जमी ना !
             -------------------  तनु थदानी

शुक्रवार, 3 नवंबर 2023

जो इश्क़ को जिस्म का, चस्का चटा गया,

जो इश्क़ को जिस्म का, चस्का चटा गया, 
वो इश्क़ की तासीर से , खुश्बू हटा गया !

जो इश्क़ है तुम्ही से, कभी कह नहीं पाया, 
रोई तुम्हारी आँखें, मैं छटपटा गया ! 

जब भी लड़े खाई खुदी, पर जब भी मैं रोया, 
मैं हूँ ना कह के भाई वो , खाई पटा  गया ! 

आँखों में आँसू,  लब पे हँसी ,सब जुगाड़ था, 
लिख के जो  रोया मैं, वो पढ़ के मुस्कुरा गया  ! 
------------------------------ तनु थदानी

बुरी बात पे कान न रखना

लड़ने का सामान न रखना! 
बुरी बात पे कान न रखना! 

पता तुम्हारा कोई न जाने
ऐसी तू पहचान न रखना! 

बात तुम्हारी समझ न आये, 
ऐसा मुंह में पान न रखना! 

तुम्ही सही हो सदा जो बोले, 
ऐसा मित्र नादान न रखना! 

तुझसे तेरे दूर हो जायें, 
इतना भी तू ज्ञान न रखना! 

पड़े जो चुनना दो में इक तो, 
घर रखना मकान न रखना! 

फुटपाथ पे खुशी बाटना, 
नफरत की दुकान न रखना! 

दिल हो जाये भारी भारी, 
इतने भी अरमान न रखना! 

पढ़ लिख के साहब बनना पर, 
मिलने में व्यवधान न रखना! 
---------------  तनु थदानी


शनिवार, 21 अक्टूबर 2023

तुम्हें तो प्यार हो न हो , मगर हम प्यार करते हैं!

तुम्हें मरहम लगाता हूँ ,हमारे हाथ जलते हैं !
तुम्हें तो प्यार हो न हो , मगर हम प्यार करते हैं!

तुझे हम प्यार करते हैं प्रिय , इसलिए तुझको
तुझे कमियों के संग संग ही,स्वीकार करते हैं !

कोई जो संग शर्तों के , करे है प्यार की बातें ,
मेरी मानो वो प्रेमी  , प्रेम संग व्यापार करते हैं !

हमने किया जो प्यार तो, साबित भी हम करें  ? 
हम ही से इस तरह का क्यूँ, व्यवहार करते हैं  ?? 
------------------------- तनु थदानी

शहर में तब्दील होते गाँव से पूछो

दिल से अमीरी को,किसी ने भी नहीं माना! 
बस माह की तन्ख्वाह,तरक्की का पैमाना! 

शहर में तब्दील होते , गाँव से पूछो, 
होता है क्या रूह से, बर्बाद हो जाना! 

चाकरी, ट्रैफ़िक, वही पिंजरेनुमा सा फ्लैट, 
ये है होता शहर में  , आबाद हो जाना! 

हम ये नहीं कहते की तुम, ऐसे नहीं जीओ, 
हम बूढ़ों को लेकिन,वृद्धाश्रम न पहुँचाना! 
------------------------  तनु थदानी