शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2024

हैरान हूँ

मैं निखर जाता जो मुझमें, मेरा मैं ढ़हता कभी! 
जो निखरता तो शिकायत, भी नहीं करता कभी! 

पहले घंटों था बिताता, बातें मनवाने को ही, 
अब बहस करने को मेरा, मन नहीं करता कभी! 

लोग मतलबों से ही, मिलते गये, हटते गये, 
मेरे मतलबों से मतलब, उनको न रहता कभी ! 

मौन से तब भी न थीं, खुशियों की रिश्तेदारियाँ, 
हैरान हूँ, खुशियों में भी, मौन है बहता कभी  ! 
-------------------------  तनु थदानी

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2024

आओ कोशिश करते हैं

बचपन सा मीठा हो जाना, आओ कोशिश करते हैं! 
सचमुच में अच्छा हो जाना, आओ कोशिश करते हैं! 

खूब कमाया, दुनियाँ घूमी, लेकिन ये इक टीस रही, 
संग बैठ परिवार के खाना , आओ कोशिश करते हैं! 

ग़र खुश रहना सदा तुम्हे तो, अपने पिता के चेहरे पर, 
हंसी का इक कारण बन जाना, आओ कोशिश करते हैं! 

सोना जगना पीना खाना , पशु भी करते यही सभी, 
जीवन का इक लक्ष्य बनाना, आओ कोशिश करते हैं! 
------------------------------------  तनु थदानी

शनिवार, 27 जनवरी 2024

ऐसी भी क्या नाराजगी

ऐसी भी क्या नाराजगी, छोड़ दिया नाराज भी होना! 
मुस्काओ फिर मुस्कायेगा,अपने घर का कोना कोना! 

एक जिंदगी,एक यात्रा, एक ही साथी, जो कि तुम हो, 
लड़ो या रुठो,सब वाजिब है,शर्त मगर है प्यार न खोना! 

पूरी दुनिया घूम के जाना, मेरी दुनिया बस तुम तक है, 
तेरे संग ही जीवन लगता,बाकी पल तो,सांस का ढ़ोना! 

प्यार है तुमसे, इसे जताना, नहीं जरूरी रोज रोज ही, 
जब मैं बोलूं, मैं हूँ न,तो,तुम भी कहना, तुम भी हो ना! 
-------------------------------------  तनु थदानी

शनिवार, 16 दिसंबर 2023

हैं आँखे खूबसूरत

हैं आँखे खूबसूरत ,बस इतनी सी कमी है, 
ना ही कोई हया है ,ना ही कोई नमी है ! 

वो था ही नहीं वैसा, जैसा वो दिखाता था, 
उड़ उड़ उड़ाया यौवन, अब खोजता जमीं है! 

जिस प्यार में हो मतलब, वो प्यार ही बे मतलब, 
गर प्यार हो हम ही से, तो तुम में भी हम ही हैं! 

जीवन की दौड़ में सब, हैं हांफ हांफ जीते, 
हाथों में हाथ हो तो, दुनियाँ वहीं थमी है! 
----------------------------  तनु थदानी

प्यार को बेजान शब्दों ,से भला क्या वास्ता ?

लब पे शेर  आये की ,आंखों में गज़ल भर आई  ! 
उड़ के, यादों के शहर से, इक खुशी सी घर आई! 

जद में सफर, के जो थे , तन्हाई के  किस्से  बने , 
खिल उठे, तुम आ रही हो, जब से ये खबर आई! 

मैं भी कश्मकश में था,ओ तू भी कश्मकश में थी, 
शर्म भी बेशर्म  बन के,  गालों पे  उभर आई  ! 

प्यार को बेजान शब्दों ,से भला क्या वास्ता  ? 
प्यार की हर पंक्तियाँ , मुस्कान में नज़र आई  ! 
----------------------------  तनु थदानी

वजह की मौत हो जाये

वजह की मौत हो जाये

मेरे कदमों की धूल से ,मकां मैं इक बनाऊंगा  ! 
तुम्हारी मुस्कुराहट को, दीवारों पे सजाऊंगा  ! 

थे जितने  हौसले, सबों की मैंने छत बना डाली, 
मेरे सपनों की सीढ़ी को मैं,छत तक ले के जाऊंगा! 

मेरे दुख दर्द आंसू छाले, सब हैं नींव में डाले, 
मेरा मकां बनेगा घर , मैं खुल के मुस्कुराऊंगा ! 

वजह की मौत हो जाये, तभी, जब मुस्कुराऊं मैं, 
रहुंगा खुश तभी तो खुश, सबों को रख भी पाऊंगा! 
---------------------------------  तनु थदानी

बुधवार, 13 दिसंबर 2023

हम लाजवाब कातिल

कुछ होते न पहाड़ , पत्थरों की एकता है!
जुड़ के, धरा से जो, आस्मां को देखता है!

आना है हाथ खाली, जाना है हाथ खाली, 
जीवन का फलसफा ये,हर कोई फेकता है! 
 
जिंदगी है इक तवा तो, भरपूर प्यार सेको, 
मत देखो इस तवे पे, कोई क्या सेकता है  ! 

हम लाजवाब कातिल, खुद ही की उम्र खाते, 
जब उम्र हमें खाती, कहते हैं ये खता है!  
----------------------------- तनु थदानी