सोमवार, 19 जून 2023

tanu thadani तनु थदानी आखिर वो अपना बेटा है


ईश्वर जब से इन आँखों में ; इक खुशी दिखाना भूल गया !
बेटे से गिला नहीं ; वो तो बस ; चश्मा लाना भूल गया !


यूं तो है भुलक्कड़ नहीं मगर ; वो जाने कैसे भूल गया ;
मेरा बेटा ; घर में मेरा ; कमरा बनवाना भूल गया !


इक पिता ने मुझे बताया कि ; बेटे ने खूब तरक्की की ;
हर हफ्ते फोन तो है करता ; पर आना जाना भूल गया !


हम जीवन मसले दर्द रिसे ; हम बूढ़े कर भी सकते क्या ;
जो गोद में खा कर बड़ा हुआ ; वो हमें खिलाना भूल गया !


घर के आंगन की इक खटिया ; इक छड़ी व छाता इक लुंगी ;
इतनी सी दुनियां के आगे का ; तानाबाना भूल गया !


पोते के जनम की ख़बर न दी : नाराज क्यूं होती बेटे पर ;
बेटे ने कहा तो होगा पर ; मैं ही ये बताना भूल गया !


चल माफ उसे कर देते हैं ; आखिर वो अपना बेटा है ;
हम में ही होगी कमी ; जो हमको ; गले लगाना भूल गया !
-------------------------- तनु थदानी

मां का कमरा भूल गया tanu thadani तनु थदानी

कैसे भला जगाये उसे, जो खुली आंख से सोयेगा !
जीने के अभिनय मेंं अपनी, हंसी खुशी सब खोयेगा !

आफिस पैसे याद रहे पर, मां का कमरा भूल गया,
नहीं पता था मां को तेरी, इतना बड़ा तू होयेगा !

बहुत बैठकें कर ली बाहर, मां के संग भी बैठा कर,
बाद में मां की फोटो को तू ,देख हमेशा रोयेगा !

सबसे हाथ मिलाता है तू , बाहर खाना खाता है तू ,
नकली हंसी खुशी को पगले;कितना और तू ढ़ोयेगा ?
-----------------------------------  तनु थदानी

बुधवार, 14 जून 2023

गांव में आनंद है

मिट्टी है,खेल है, गांव में आनंद है!
मित्र संग मेल है, गांव में आनंद है!

ऐ शहर,खुश रहो, स्टेशनों के साथ में, 
पटरियां हैं, रेल है,  गांव में आनंद है!

ताड़पत्र,बेलपत्र,तुम किताबों में पढ़ो,
ताड़ हैं, ओं बेल है,  गांव में आनंद है!

माॅल की,सीढ़ियों की, नाप से हम दूर हैं, 
हफ्ते वाली सेल है,  गांव में आनंद है!

खा रिफाइंड खुश रहो, छोटे ओं बड़के शहर, 
घी है, सरसों तेल है,  गांव में आनंद है!

याद पहाड़े भी करते, हिन्दी भी जिंदा रखे,
इंग्लिश में फेल है,  गांव में आनंद है!

आज भी चबूतरा है, पंच हैं, सरपंच है, 
कोर्ट है ना जेल है , गांव में आनंद है!
----------------------- तनु थदानी

मंगलवार, 13 जून 2023

तनु थदानी सुख शब्द नहीं अवस्था है

दीदी जब से तुम भाग गयी, मेरा विद्यालय छूट गया!
हर बेटी के बाबू जी का, बेटी पे भरोसा टूट गया  !

मैं छोटी बच्ची हूँ दीदी, मैं भाग्य के माने क्या जानु?
सब कहते गल्ती है तेरी, पर भाग्य मेरा ही फूट गया!
अब पापा रोते छिप छिप कर, माँ बूढ़ी बूढ़ी लगती है, 
तेरी ख्वाहिश का कोलाहल, सन्नाटा घर में कूट गया!

मुझको तो बनना था डाक्टर, वो मेरा अपना था सपना, 
तेरा सपना किस हक से आखिर, मेरा सपना लूट गया?
सुख शब्द नहीं अवस्था है, वो मिले तभी जब सब राजी, 
तुम पढ़ी लिखी हो समझाओ,कि घर से क्यूँ सुख रूठ गया ?
-----------------------------------   तनु थदानी

अगर दिखता हूँ कांटे सा, तुम गुलाब बन जाओ

अगर दिखता हूँ कांटे सा, तुम गुलाब बन जाओ ,
मेरे सादे से जीवन में, तुम रंग बन के घुल जाओ !

सभी के हाथ, सभी खुशियाँ, कभी आती नहीं समझो, 
अगर समझा नहीं इसको, तो क्या समझा, ये समझाओ!

चढना भी जरूरी है, उड़ना भी  जरूरी है, 
अगर जीना जरूरी हो तो, अपने घर भी आ जाओ !

रखो न खुशियाँ जेबों में, जो कट जाती हैं अक्सर,
बेहतर ये ही होगा,खुशियाँ, चेहरे पे ही लगा लो  !

क्यों हम साम दाम दंड भेद सीख जीते हैं  ?
ज्यादा ग॔र  मुसीबत हो, जरा सा मौन अपना लो !
-----------------------------------  तनु थदानी 

कहते हैं तुम बदल गये

कहते हैं तुम बदल गये, मैं कहता हूँ नहीं!
तुम हो वही जो थे, महज़ नकाब न रही!

उस पार्टी ने लूटा तुम्हें, अब दो हमें मौका, 
नेता हमारे देश में, जो बोले वो सही  !

पैसे हो गंर जेब में, पिस्टल के साथ में, 
जरूरत नहीं दिखाने की, न खाता न बही !

बेहद संगीन जुर्म कि मैं, सच के साथ हूँ, 
इस जुर्म के कारण मेरी, इज्जत नहीं रही !
---------------------------  तनु थदानी

सोमवार, 23 दिसंबर 2019

Tanu Thadani bharat hai hamara तनु थदानी भारत है हमारा

हमें हिन्दू कहो ,या फिर यहाँ पे,कह लो बेचारा!
मगर ये  फख्र है हुसैन को, हमने नहीं  मारा  !

 हमें काफिर कहो या कुछ, मगर हम आदमी तो हैं,
 टोपी दाढ़ी फतवों में छिपा, चेहरा न हमारा !

यहाँ कश्मीर से बे घर हुए ,हर हिंदू के आंसू,
तुम्हें बर्बर बताते हैं, तुम्हें इंसान न प्यारा ! 

महज इस्लाम के तुम हो, महज इस्लाम तेरा है,
यही है फर्क कि भारत हैं हम, भारत है हमारा  !!