मंगलवार, 13 जून 2023

तनु थदानी सुख शब्द नहीं अवस्था है

दीदी जब से तुम भाग गयी, मेरा विद्यालय छूट गया!
हर बेटी के बाबू जी का, बेटी पे भरोसा टूट गया  !

मैं छोटी बच्ची हूँ दीदी, मैं भाग्य के माने क्या जानु?
सब कहते गल्ती है तेरी, पर भाग्य मेरा ही फूट गया!
अब पापा रोते छिप छिप कर, माँ बूढ़ी बूढ़ी लगती है, 
तेरी ख्वाहिश का कोलाहल, सन्नाटा घर में कूट गया!

मुझको तो बनना था डाक्टर, वो मेरा अपना था सपना, 
तेरा सपना किस हक से आखिर, मेरा सपना लूट गया?
सुख शब्द नहीं अवस्था है, वो मिले तभी जब सब राजी, 
तुम पढ़ी लिखी हो समझाओ,कि घर से क्यूँ सुख रूठ गया ?
-----------------------------------   तनु थदानी

अगर दिखता हूँ कांटे सा, तुम गुलाब बन जाओ

अगर दिखता हूँ कांटे सा, तुम गुलाब बन जाओ ,
मेरे सादे से जीवन में, तुम रंग बन के घुल जाओ !

सभी के हाथ, सभी खुशियाँ, कभी आती नहीं समझो, 
अगर समझा नहीं इसको, तो क्या समझा, ये समझाओ!

चढना भी जरूरी है, उड़ना भी  जरूरी है, 
अगर जीना जरूरी हो तो, अपने घर भी आ जाओ !

रखो न खुशियाँ जेबों में, जो कट जाती हैं अक्सर,
बेहतर ये ही होगा,खुशियाँ, चेहरे पे ही लगा लो  !

क्यों हम साम दाम दंड भेद सीख जीते हैं  ?
ज्यादा ग॔र  मुसीबत हो, जरा सा मौन अपना लो !
-----------------------------------  तनु थदानी 

कहते हैं तुम बदल गये

कहते हैं तुम बदल गये, मैं कहता हूँ नहीं!
तुम हो वही जो थे, महज़ नकाब न रही!

उस पार्टी ने लूटा तुम्हें, अब दो हमें मौका, 
नेता हमारे देश में, जो बोले वो सही  !

पैसे हो गंर जेब में, पिस्टल के साथ में, 
जरूरत नहीं दिखाने की, न खाता न बही !

बेहद संगीन जुर्म कि मैं, सच के साथ हूँ, 
इस जुर्म के कारण मेरी, इज्जत नहीं रही !
---------------------------  तनु थदानी

सोमवार, 23 दिसंबर 2019

Tanu Thadani bharat hai hamara तनु थदानी भारत है हमारा

हमें हिन्दू कहो ,या फिर यहाँ पे,कह लो बेचारा!
मगर ये  फख्र है हुसैन को, हमने नहीं  मारा  !

 हमें काफिर कहो या कुछ, मगर हम आदमी तो हैं,
 टोपी दाढ़ी फतवों में छिपा, चेहरा न हमारा !

यहाँ कश्मीर से बे घर हुए ,हर हिंदू के आंसू,
तुम्हें बर्बर बताते हैं, तुम्हें इंसान न प्यारा ! 

महज इस्लाम के तुम हो, महज इस्लाम तेरा है,
यही है फर्क कि भारत हैं हम, भारत है हमारा  !!


मंगलवार, 14 जून 2016

हिन्दुस्तान से प्यार करें

बेशक़ हम व्यापार करें , झगड़े भी हर बार करें ;
मगर जरुरी है ये भी कि , हिन्दुस्तान से प्यार करें !

कहीं मराठी,कहीं बंगाली,कहीं पंजाबी,तमिल मिला ;
खुद को हिन्दुस्तानी बोलें ; ये भी क्या सरकार करे ?

अगड़ा पिछड़ा पंडित मुस्लिम,दलित वगैरह भरे पड़े ;
बन के हिन्दुस्तानी ; चल ; नेताओं को बेकार करें !

कोई गौ को माँ बतलाये ;कोई उसको काट चिढ़ाये ;
कोई चाकू दो तरफों से ;टोपी पहन के धार करे !

राम जी बोले अरे मोहम्मद ; हमने ये क्या कर डाला ;
इंसा में पशुता भर आयी ; कैसे; चलो विचार करें !

कहा मोहम्मद साहब ने कि,किसको राह दिखाओगे?
आँख सलामत वाले ही जब ;अंधों सा व्यवहार करें !

एक थदानी बोल रहा ; तुम सारे हिन्दुस्तानी हो ;
सबका एक तिरंगा है बस ; हिन्दुस्तान से प्यार करें !!
---------------------------------- तनु थदानी

शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

Tanu thadani तनु थदानी हूँ बूँद बूँद सा बिखरा मैं

ये कौन हमारे आगे पीछे ; ग़म के पत्थर पटक गया ?
शायद अपना ही अंतस था ; कुछ कुछ ऐसा ही खटक गया !


इतने सारे सत्संग चलते ; अजान नमाज़ में व्यस्त सभी ;
फिर भी देखो हर इक चेहरा ; हर इक ख्वाहिश पे चटक गया !


सपनों के चप्पे चप्पे पर ; हम रूप बदल कर चिपके हैं ;
सपनों की बस्ती चकाचौंध ; जो गया वो रस्ता भटक गया !


इक होता है एकांत जो अपनी ; बाहों में भर लेता है ;
है होता एक अकेलापन ; जो फंसा वहीं पे लटक गया!


हूँ बूंद बूंद सा बिखरा मैं ; अपनी ही हर अभिव्यक्ति पर ;
आवाज की सरहद लांघ के जब ; रोया ;अग़ज़लों में अटक गया !
------------------------------ तनु थदानी

रविवार, 31 जनवरी 2016

tanu thadani तनु थदानी सजा होगी कि हम लाचारगी बच्चों की देखेंगे

न ये हिन्दू ; न ये मुस्लिम ; कभी भी बाज आयेंगे !
मरेंगे कुत्तों की भाँति ; ये क्या इलाज पायेंगे ?




बहत्तर हूर न होंगी ; न होंगी अप्सरा कोई ;
वहाँ इक शून्य होगा ; मंत्र न नमाज पायेंगे !




महज़ तुमको डराने को ;बना डंडा है ये ईश्वर ;
करो ये प्रण कि बिन डंडे का ; इक समाज लायेंगे !




तुम्हारे बाद की पीढ़ी हो मुक्त ; श्रेष्ठ के दंभ से ;
हमारे श्रेष्ठ ये मुमकिन ; बना क्या आज पायेंगे ?


जो हम सब गाय सुअर ; लाउडस्पीकर ; में रहे उलझे ;
तो हम बच्चों की मुस्कानों में ; खुजली खाज पायेंगे !




सजा होगी कि हम लाचारगी ; बच्चों की देखेंगे ;
जिन्हें हर सांस में हम ; धर्म का ; मोहताज पायेंगे !
------------------------ तनु थदानी