शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

Tanu thadani तनु थदानी हूँ बूँद बूँद सा बिखरा मैं

ये कौन हमारे आगे पीछे ; ग़म के पत्थर पटक गया ?
शायद अपना ही अंतस था ; कुछ कुछ ऐसा ही खटक गया !


इतने सारे सत्संग चलते ; अजान नमाज़ में व्यस्त सभी ;
फिर भी देखो हर इक चेहरा ; हर इक ख्वाहिश पे चटक गया !


सपनों के चप्पे चप्पे पर ; हम रूप बदल कर चिपके हैं ;
सपनों की बस्ती चकाचौंध ; जो गया वो रस्ता भटक गया !


इक होता है एकांत जो अपनी ; बाहों में भर लेता है ;
है होता एक अकेलापन ; जो फंसा वहीं पे लटक गया!


हूँ बूंद बूंद सा बिखरा मैं ; अपनी ही हर अभिव्यक्ति पर ;
आवाज की सरहद लांघ के जब ; रोया ;अग़ज़लों में अटक गया !
------------------------------ तनु थदानी

रविवार, 31 जनवरी 2016

tanu thadani तनु थदानी सजा होगी कि हम लाचारगी बच्चों की देखेंगे

न ये हिन्दू ; न ये मुस्लिम ; कभी भी बाज आयेंगे !
मरेंगे कुत्तों की भाँति ; ये क्या इलाज पायेंगे ?




बहत्तर हूर न होंगी ; न होंगी अप्सरा कोई ;
वहाँ इक शून्य होगा ; मंत्र न नमाज पायेंगे !




महज़ तुमको डराने को ;बना डंडा है ये ईश्वर ;
करो ये प्रण कि बिन डंडे का ; इक समाज लायेंगे !




तुम्हारे बाद की पीढ़ी हो मुक्त ; श्रेष्ठ के दंभ से ;
हमारे श्रेष्ठ ये मुमकिन ; बना क्या आज पायेंगे ?


जो हम सब गाय सुअर ; लाउडस्पीकर ; में रहे उलझे ;
तो हम बच्चों की मुस्कानों में ; खुजली खाज पायेंगे !




सजा होगी कि हम लाचारगी ; बच्चों की देखेंगे ;
जिन्हें हर सांस में हम ; धर्म का ; मोहताज पायेंगे !
------------------------ तनु थदानी



गुरुवार, 21 जनवरी 2016

देर तलक

किसी की शक्ल पे नज़रें फंसी थी;देर तलक !
वफा के नाम पर रस्साकशी थी ; देर तलक !

मैं उसके जिस्म से गुजरा ;मगर इक रूह न मिली ;
वो मेरी इस शिकायत पे हंसी थी ; देर तलक !

भले गंवार मैं साबित हुआ ; अफसोस नहीं ;
जो मुझमें भोली सी उमर बची थी; देर तलक !

जो बूढ़ी माँ की हथेली घुली ;आशीष दे दे ;
वो माँ की लोरियां ;मुझमें बसी थीं; देर तलक !
---------------------- तनु थदानी





 























शुक्रवार, 25 दिसंबर 2015

आये तो फूल बन मगर

आये तो फूल बन मगर ; हो शूल गये हम !
छोड़ी जमीन ; हेकड़ी में ; झूल गये हम !

चेहरे पे ; बदन बुद्धि पे ; क्यूं नाज हम करें ;
दुनियां से गये ; जब गये ; समूल गये हम !

रहने के लिये देश ; शहर ; घर बनाया फिर ;
औक़ात में रहने की अदा ; भूल गये हम !

जो भूले ख़ुदा को तो ; यूं औक़ात बतायी ;
दो पल के जलजले से ही ; हो धूल गये हम !
------------------------ तनु थदानी

गुरुवार, 24 दिसंबर 2015

tanu thadani तनु थदानी अमीरी देख बच्चे की

बिना माँ के कोई भी घर ; कभी भी घर न कहलाता !
समझते गंर जो शहरी ; कोई वृद्ध आश्रम न बनवाता !


शहर की रौशनी में ; शक्ल सबकी ; यूं हुई रौशन ;
सभी इतने चमकते हैं ; कि कुछ भी दिख नहीं पाता !


वो मिट्टी खेत की खातिर ; महज़ मकान की खातिर ;
करोड़ों सुख भरा जीवन ; यूं ही लड़ के गुजर जाता !


हमें सिलने जो आते ; अपने अपने धैर्य के टुकड़े ;
तो हम नंगों के खातिर ; खुशियों का ; कुर्ता भी बन पाता !


बहन ने भेजी राखी ; हैसियत ; भाई की तौल कर ;
गरीबी जलजले सी है ; कि रिश्ता टूट है जाता !


अमीरी ये नहीं साहब ; कि तेरे लाख खर्चे हैं ;
अमीरी देख बच्चे की ; वो तो कुछ भी न बचाता !
----------------------- तनु थदानी

बुधवार, 16 दिसंबर 2015

tanu thadani तनु थदानी किसी की माँ न बिछुड़े

मेरे किस्सों में कैसे आ गई ; है प्यार की छाया !
हूँ माँ के साथ जो रहता ; वहीं से किस्से हूँ लाया !


अभी भी चोट लग जाये ; तो मुँह से माँ निकलता है ;
हमें तो अब तलक ; माँ के बिना;जीना नहीं आया !


गले लगना वो नन्हे हाथ से ; माँ के गले लिपट ;
सुकूं वो बालपन सा ; सच कहूं;तो फिर नहीं पाया !


किसी की माँ न बिछुड़े ; ऐ मेरे; मौला कुछ ऐसा कर;
कड़ी जीवन की धूप में ; सलामत माँ का हो साया !
----------------------- तनु थदानी

मंगलवार, 15 दिसंबर 2015

Tanu thadani तनु थदानी बस अब नहीं नहीं


ख्वाबों के पास होता ना ; खाता ना ही बही !
हर ख्वाब लूटे चैन ; हर एक ने कही !


बस उम्र काटते रहें ; सुबहों से शाम तक ;
हमने बितायी जिंदगी ; कैसे कहें सही !


मैंने लगाया प्यार ; पर ; धोखा उपज गया
इस दौर में मासूमियत ; महफूज ना रही !


अब दोस्ती के हश्र के ; किस्से ना पूछिये;
बस जिक्र से जाती उतर ; इज्जत रही सही !


रब ने कहा कि मांग ; कर दू्ं जिंदगी लंबी ;
हमने कहा पलट के ; बस अब नहीं नहीं !
------------------------ तनु थदानी